क्या गज़ब की गांड थी काम वाली की
बेंगलोर में मुझे तिन महीने हो चुके थे, antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta Chudai Hindi Sex यहाँ की सिलिकोन इंडस्ट्री में जॉब पा कर में धन्य हो चूका था क्यूंकि यहाँ मुझे पैसा, घर, गाडी और कामवाली तक कंपनी ने प्रोवाइड किया था. मुझे पता है की जब
मैंने कामवाली कहा तो आप के लंड में एक सनसनी दौड़ी, मुझे भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब मेरे मेनेजर ने उन्नति नामकी इस मल्लू कामवाली को मेरे घर पर पहेली बार भेजा था. इस मल्लू जवानी की उम्र कुछ 23 साल जितनी थी, बड़े मांसल स्तन,
सांवला रंग, गांड मस्त गोल मटोल थी और उसकी आवाज मुझे सब से अच्छी लगती थी. इसे हिंदी इतना अच्छा नहीं आता था लेकिन वह काम जितना हिंदी तो बोल लेती थी. एक रात को मैंने इस मल्लू कामवाली से चुदाई का प्लान कर लिया और आइये
आपको इस सेक्सी कामवाली की चुदाई का पूरा चितार दूँ……! मल्लू को पिगलाने के लिए चारा रखा उन्नति को आने में अभी 10-15 मिनिट के देर थी, वह शाम का खाना बनाने मेरे आने के बाद बनाती थी. मैं ऑफिस से जल्दी आ गया था और आते हुए
मैंने मेजेस्टिक से एक सेक्स फोटो की किताब खरीद ली थी. मैंने घर आके लुंगी पहन ली और इस किताब को किचन में फ्रिज के उपर रख दिया, अगले हफ्ते मेरी पत्नी शिला आए वाली थी और मैं इस मल्लू को अपने झांसे में उसके आने से पहेले
ही ले लेना चाहता था. वैसे भी मुझे काली लड़कियां जवानी से ही पसंद थी. उन्नति तभी अपने बड़े बड़े कूले हिलाते हुए आई, मैं द्रोइंग रूम में बेठा था और सामने के शीशे में मुझे किचन का कुछ द्रश्य नजर आ रहा था. मैं बस यह ताड़
में था की वह एक बार मैगज़ीन उठाये. उन्नति ने कीचन में जाके फ्रिज खोला लेकिन वह अंदर से गुंदा हुआ आटा लेकर प्लेटफोर्म की तरफ चली गई, मैंने सोचा की मछली ने काँटा नहीं खाया लेकिन तभी वह आटा रख के पलटी और उसने मैगज़ीन
हाथ में ली. मैं द्रोइंग रूम के शीशे में यह द्रश्य देख रहा था. उन्नति ने अपने चुंचे को दबाया और उसने मैगज़ीन वापस फ्रिज पर रख दी….लोहा गरम हो चूका था और लौड़ा भी. मैं तुरंत खडा हुआ और कीचन में जा पहुंचा. मुझे किचन में
आता देख उन्नति बोली, साब खाना दस मिनिट में बन जाएगा….! मैंने जैसे उसे सुना ही ना हो वैसे मैं किचन में घुसा और वहाँ पड़ा टमाटर खाने लगा. मुझे देख उन्नति बोली…आपको बोत बुख लगा है….! मैंने कहा, मैं तो कब से भूखा ही
हूँ. उन्नती की गांड से लंड अडाते ही वह भी बेबस हुई मैंने अब जैसे की सब्जी क्या बन रही है वह देख रहा हूँ वैसे झुक के कढाई में देखा. और ऐसा करते वक्त मैंने अपना हाथ उन्नती के कंधे पर रखा था. उन्नती की लंबी सांस मेरे
कान से छिप नहीं सकी. मैंने अब धीरे से कंधे से हाथ हटाया और मैं बोला, मुझे भी सिखा दो खाना बनाना ताकि मैं भूखा ना रहूँ. उन्नती कुछ नहीं बोली, कामदेव उसके उपर सवार हो चुके थे. मैंने झट से अपने लंड वाला हिसा उसकी गांड के
उपर अड़ा दिया. उन्नती कुछ नहीं बोली और शायद उसे भी मेरे लंड की गर्मी अपनी मल्लू गांड के उपर अच्छी लग रही थी.उन्नती ने तभी अपना हाथ पीछे किया और मेरा लंड पकड के सहलाने लगी. मैंने अपने दोनों हाथ उसके चुन्चो के उपर रख
दिए और गेस को बंध कर दिया. उसके ब्लाउज में छुपे उसके मांसल स्तन मुझे चूसने और चोदने थे. मैंने उसका पल्लू हटाया और ब्लाउज के बटन जो उसके चुन्चो के उपर ही थे उन्हें खोल दिए. उसके बड़े और भारी मल्लू स्तन ब्रा नहीं
पहेनी थी इसलिए तुरंत बहार आ गए, मैंने जरा भी समय बिगाड़े बिना अपनी ट्रेक पेंट उतार दी और लंगोट को भी खोल डाला. मेरा तना हुआ लंड इस कामवाली की नजर में आते ही वह भी बोखला गई और उसने तुरंत मेरे लंड को अपने मुहं में ही
डाल दिया….और चालू हुई एक मस्त देसी ब्लोजोब, जिसमे लंड का सुपाड़ा और गोटों को भी उन्नती सेक्सी तरीके से चूसने लगी, वह मेरी गांड पर हाथ दिए हुए लंड को गले तक खिंच खिंच के चूस रही थी. मेरे हाथ इस मल्लू सेक्स बम की कमर पर
थे और मैं उसके गांड को भी बिच बिच में सहला रहा था. चुसाई के बाद मल्लू कामवाली लंड लेने को उतारू थी मेरा लंड मस्त गर्म हो चूका था और तन चूका था उसकी लम्बाई अब लगभग 8 इंच जितनी हो चुकी थी जो किसी भी चूत को फाड़ने के लिए
काफी थी. मैंने लंड को जैसे ही इस मल्लू के मुहं से बहार निकाला वह वही कीचन के फर्श पर लेट गई और अपने घाघरे को उठाने लगी, उसका घाघरा उठते ही उसकी देसी बालोवाली चूत मेरे सामने आ गई. मैं अपना लंड को थोडा हिलाया और इसकी
चूत के उपर रखा. यह बालोवाली चूत काफी गर्म थी, उन्नती ने लंड को सही छेद पर रखने में मेरी मदद की और मैंने एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में दे दिया. उन्नती आह आह आह ओह ओह ओह्ह्ह्हह करने लगी और मैंने भी बिना रुके घचघच
उसकी चुदाई ट्रेन की गति से चालू कर दी. मल्लू चूत की गर्मी मस्त थी और वह मुझे कमर से पकड कर झटके देने में मदद कर रही थी. उन्नती की गांड हिल रही थी और चुदाई का मजा दुगुना हो रहा था. चूत ली और फिर गांड भी मारी दस मिनिट तक
मैं उन्नती की चूत को लंड से ठोकता रहा और उन्नती भी मेरे लंड को बहुत सुख दे रही थी. मैंने उसके चुंचे कितनी बार जोर जोर से दबाये और यह मांसल चुंचे मेरे हाथ में मुश्किल से आ रहे थे. उन्नती भी ऊँची नीची होकर चुदाई का
देसी मसाला अनुभव कर रही थी. मेरे मन में अब उन्नती की गांड लेने का विचार आया, मैंने लंड को उसकी गांड से निकाला और उसे उल्टा लिटा दिया. उन्नती भी समझ चुकी थी की अब हमला पीछे से होने वाला है और इसीलिए उसने अपने हाथ में
थोडा थूंक लिया लेकिन मैंने उसे थूंक गांड पर नहीं लगाने दिया. मैं खड़ा हुआ और उसने किचन के पास रखी हुई तेल की बरनी से चमच भरके तेल लिया और उसकी गांड के उपर ऊँचे से डाला, मूंगफली का तेल गांड पर गिरते उन्नती हिली और
मैंने उसे कमर पकड के दबाये रखा. थोडा तेल मैंने लंड के टोपे पर भी डाल दिया और फिर मैं लंड को इस मल्लू गांड के छेद पर रख दिया. धीमे से एक झटका लगा और गांड के अंदर लंड एक झटके मात्र में समां गया. मैंने धीमे धीमे गांड
मारने की गति बढाई और फिर तो मैं इस मल्लू गांड को ऊँचा हो के कुत्ते चुदाई करते है वैसे जोर जोर से ठोकने लगा. गांड के उपर मेरी झांघ के थपाको की थप थप सी आवाज आने लगी और उन्नती भी गांड हलाकर मजे लेने लगी. गांड का हमला
सफल रहा….! कुछ दो मिनिट की गांड मराई के बाद मेरे लंड को एकदम भारी उत्तेजना हुई और लंड के अंदर एक खिंचाव सा आया. लंड वीर्य की धार छोड़ने लगा और कुछ बुँदे गांड के बहार भी निकल आई. इस सेक्सी मल्लू गांड से टपकता वीर्य
बहुत उत्तेजक लग रहा था. उन्नती उठ खड़ी हुई और बाथरूम से गांड और चूत धोके आई, उस दिन उसने सब से अच्छा खाना बनाया जिसे मैंने पेट भर के खाया, वैसे भी इस भारी सेक्स के बाद मुझे एनर्जी की जरुरत थी……! दोस्तों आपको यह मल्लू
कामवाली की कहानी कैसी लगी यह हमें जरुर कमेन्ट में लिख भेंजे…हम फेसबुक और ट्विटर पर भी आपके रिस्पोंस के लिए आप लोगो के खूब खूब आभारी है.
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Aah mast kahani hai Kash Mai uski mallu gaand se tapakta Lund ka pani chus sakta
ReplyDeleteKamvaliya ukadu bethti hai isiliye maa ki lodiyo ki gand bhari n bahar ki taraf ubhari hui hoti hai.
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